geeta adhyay for mukti

Geeta Adhyay PDF; Reference Books; Geeta Study Data; Videos. 1968 per Vikram Calendar) in the village of Maharai in the district of Varanasi. युद्ध क्षेत्र में डटे हुए युद्ध के अभिलाषी इस स्वजनसमुदाय को देखकर मेरे अंग शिथिल हुए जा रहे हैं और मुख सूखा जा रहा है तथा मेरे शरीर में कम्प एवं रोमांच हो रहा है ।। २९ ।।. अयुक्तः, कामकारेण, फले, सक्तः, निबध्यते।।12।।, अनुवाद: (युक्तः) शास्त्रानुकूल सत्य साधना में लगा भक्त (कर्मफलम्) कर्मोंके फलका (त्यक्त्वा) त्याग करके (नैष्ठिकीम्) स्थाई अर्थात् परम (शान्तिम्) शान्तिको (आप्नोति) प्राप्त होता है और (अयुक्तः) शास्त्र विधि रहित साधना करने वाला अर्थात् असाध (कामकारेण) मनो कामना की पूर्ति के लिए (फले) फलमें (सक्तः) आसक्त होकर (निबध्यते) पाप कर्म के कारण बँधता है। (12), हिन्दी: शास्त्रानुकूल सत्य साधना में लगा भक्त कर्मोंके फलका त्याग करके स्थाई अर्थात् परम शान्तिको प्राप्त होता है और शास्त्र विधि रहित साधना करने वाला अर्थात् असाध मनो कामना की पूर्ति के लिए फलमें आसक्त होकर पाप कर्म के कारण बँधता है।, सर्वकर्माणि, मनसा, सóयस्य, आस्ते, सुखम्, वशी, बाह्यस्पर्शेषु, असक्तात्मा, विन्दति, आत्मनि, यत्, सुखम्, बाहरके विषयोंमें आसक्तिरहित साधक को अपने आप में जो सुमरण आनन्द प्राप्त होता है वह परमात्माके अभ्यास योगमें अभिन्नभावसे स्थित भक्त आत्मा कभी समाप्त न होने वाले आनन्दका अनुभव करता है। अर्थात् पूर्ण मोक्ष प्राप्त करते हैं।. Wealth is tradition and values, Family and progress, not simply money. Author Sirshree. गच्छन्ति, अपुनरावृत्तिम्, ज्ञाननिर्धूतकल्मषाः।।17।।, अनुवाद: (तदात्मानः) वह तत्वज्ञान युक्त जीवात्मा (तद्बुद्धयः) उस पूर्ण परमात्मा के तत्व ज्ञान पर पूर्ण रूप से लगी बुद्धि से (तन्निष्ठाः) सर्वव्यापक परमात्मामें ही निरन्तर एकीभावसे स्थित है ऐसे (तत्परायणाः) उस परमात्मा पर आश्रित (ज्ञाननि र्धूतकल्मषाः) तत्वज्ञानके आधार पर शास्त्र विधि रहित साधना करना भी पाप है तथा उससे पुण्य के स्थान पर पाप ही लगता है इसलिए सत्य भक्ति करके पापरहित होकर (अपुनरावृत्त्सिम्) जन्म-मरण से मुक्त होकर संसार में पुनर् लौटकर न आने वाली गति अर्थात् पूर्ण मुक्ति को (गच्छन्ति) प्राप्त होते हैं। (17), हिन्दी: वह तत्वज्ञान युक्त जीवात्मा उस पूर्ण परमात्मा के तत्व ज्ञान पर पूर्ण रूप से लगी बुद्धि से सर्वव्यापक परमात्मामें ही निरन्तर एकीभावसे स्थित है ऐसे उस परमात्मा पर आश्रित तत्वज्ञानके आधार पर शास्त्र विधि रहित साधना करना भी पाप है तथा उससे पुण्य के स्थान पर पाप ही लगता है इसलिए सत्य भक्ति करके पापरहित होकर जन्म-मरण से मुक्त होकर संसार में पुनर् लौटकर न आने वाली गति अर्थात् पूर्ण मुक्ति को प्राप्त होते हैं।, विद्याविनयसम्पन्ने, ब्राह्मणे, गवि, हस्तिनि, आप कर्मोंके सन्यास अर्थात् कर्म छोड़कर आसन लगाकर कान आदि बन्द करके साधना करने की और फिर कर्मयोगकी अर्थात् कर्म करते करते साधना करने की प्रशंसा करते हैं इसलिए इन दोनोंमेंसे जो एक मेरे लिए भलीभाँती निश्चित कल्याणकारक साधन हो उसको कहिये। (1), तत्वदर्शी संत न मिलने के कारण वास्तविक भक्ति का ज्ञान न होने से शास्त्र विधि रहित साधना प्राप्त साधक प्रभु प्राप्ति से विशेष प्रेरित होकर गृहत्याग कर वन में चला जाना या कर्म त्याग कर एक स्थान पर बैठ कर कान नाक आदि बंद करके या तप आदि करना तथा शास्त्र विधि रहित साधना कर्म करते-करते भी करना दोनों ही व्यर्थ है अर्थात् श्रेयकर नहीं हैं तथा न करने वाली है शास्त्रविधी अनुसार साधना करने वाले जो सन्यास लेकर आश्रम में रहते हैं तथा कर्म सन्यास नहीं लेते तथा जो विवाह करा कर घर पर रहते हैं उन दोनों की साधना ही अमंगलकारी नहीं हैं परन्तु उपरोक्त उन दोनोंमें भी यदि आश्रम रह कर भी काम चोर है उस कर्मसंन्याससे कर्मयोग संसारिक कर्म करते-करते शास्त्र अनुसार साधना करना श्रेष्ठ है। यही प्रमाण गीता अध्याय 18 श्लोक 41 से 46 में कहा है कि चारों वर्णों के व्यक्ति भी अपने स्वभाविक कर्म करते हुए परम सिद्धी अर्थात् पूर्ण मोक्ष को प्राप्त हो जाते हैं। परम सिद्धी के विषय में स्पष्ट किया है श्लोक 46 में कि जिस परमात्मा परमेश्वर से सर्व प्राणियों की उत्पति हुई है जिस से यह समस्त संसार व्याप्त है, उस परमेश्वर कि अपने-2 स्वभाविक कर्मों द्वारा पूजा करके मनुष्य परम सिद्धी को प्राप्त हो जाता हैं अर्थात् कर्म करता हुआ सत्य साधक पूर्ण मोक्ष प्राप्त करता है। अध्याय 18 श्लोक 47 में स्पष्ट किया है कि शास्त्र विरूद्ध साधना करने वाले से अपना शास्त्र विधी अनुसार साधना करने वाला श्रेष्ठ है। क्योंकि अपने कर्म करता हुआ साधक पाप को प्राप्त नहीं होता। इससे यह भी सिद्ध हुआ कि कर्म सन्यास करके हठ करना पाप है। श्लोक 48 में स्पष्ट किया है कि अपने स्वाभाविक कर्मों को नहीं त्यागना चाहिए चाहे उसमें कुछ पाप भी नजर आता है। जैसे खेती करने में जीव मरते हैं आदि-2।. It is a guide to live a happy, peaceful, and prosperous life. In Bhagavad Gita Chapter 18 Verse 4, God is saying about Tyaag first — Tyaag is of three types. हे जनार्दन ! ॥ गीता पढ़ें, पढ़ायें, जीवन में लायें ॥ Home; About Us; Learn Geeta. Geeta Adhyay PDF; Santha Kaksha Registration ; Contact Us; Newsletter. As per Bhagavad Gita unless one practiced celibacy in totality… one could never reach stage of enlightenment ever. इसके विपरित कर्म सन्यास से तो शास्त्र विधि रहित साधना होने के कारण दुःख ही प्राप्त होता है तथा शास्त्र अनुकूल साधना प्राप्त साधक प्रभु को अविलम्ब ही प्राप्त हो जाता है।. In the Abhimlan section of the Sama Veda isstated: Better is divine knowledge then mere meditation. By the mixture of castes, families will breed more family destroyers; being deprived of food and water, their ancestors will also fall from heaven. The Bhagavad-Gita , as the ‘ Eternal YOGA ‘ revealed to Arjuna by Bhagawana Sri Krishna on the battlefield of Kuruksetra, exists from Time immemorial. स्पर्शान्, कृत्वा, बहिः, बाह्यान्, चक्षुः, च, एव, अन्तरे, भ्रुवोः. When one begins to destroy his own family, then his ancient, respected traditions, customs, moral values, principles, are destroyed as well. O Best of the twice born, I name all of those who are our distinguished Chiefs, the leaders of my army, of your information only. ।। ३२  ।।. Adhyay – 1 – Shloka -45 Moreover, it is a great shame, that knowing and understanding everything, we are still ready to commit such a great sin of killing our kinsmen, just … Please do watch and share. जिनका कुल-धर्म नष्ट हो गया है, ऐसे मनुष्यों का अनिश्चित काल तक नरक में वास होता है, ऐसा हम सुनते आये हैं ।। ४४ ।।. Adhyay 3 અધ્યાય ૩ – શ્લોક ૪૩ – ગીતાજી . सóयासम्, कर्मणाम्, कृष्ण, पुनः, योगम्, च, शंससि, Sanjaya said: Tremendous noise followed. By the destruction of these, the whole family becomes evil and huge sins are committed. Bhagwat Geeta Slokas, Lyrcis, Story, Meaning, Songs, Katha, Adhyay, Chapter, Verses, Gyan, Knowledge, Episodes, Saar, Shlok, etc. सः, ब्रह्मयोगयुक्तात्मा, सुखम्, अक्षयम्, अश्नुते।।21।।, अनुवाद: (बाह्यस्पर्शेषु) बाहरके विषयोंमें (असक्तात्मा) आसक्तिरहित साधक को (आत्मनि) अपने आप में (यत्) जो सुमरण (सुखम्) आनन्द(विन्दति) प्राप्त होता है (सः) वह (ब्रह्मयोगयुक्तात्मा) परमात्माके अभ्यास योगमें अभिन्नभावसे स्थित भक्त आत्मा (अक्षयम्) कभी समाप्त न होने वाले (सुखम्) आनन्दका (अश्नुते) अनुभव करता है। अर्थात् पूर्ण मोक्ष प्राप्त करते हैं। (21), हिन्दी: बाहरके विषयोंमें आसक्तिरहित साधक को अपने आप में जो सुमरण आनन्द प्राप्त होता है वह परमात्माके अभ्यास योगमें अभिन्नभावसे स्थित भक्त आत्मा कभी समाप्त न होने वाले आनन्दका अनुभव करता है। अर्थात् पूर्ण मोक्ष प्राप्त करते हैं।, ये, हि, संस्पर्शजाः, भोगाः, दुःखयोनयः, एव, ते, App from Microsoft Store for Windows 10, Windows Phone 8 Adhyay 14 offline after it... Friends, in warfare, of Arjuna and BHIMA इन वर्णसंकरकारक दोषों से कुलघातियों के कुल. Ai ( Artificial Intelligence ) across in my life present here are the mighty archers, or. प्रयोजन है अथवा ऐसे भोगों से और जीवन से भी क्या लाभ है fight ASVATTHAMA. Attaining freedom, considered to be the supreme mantra of Lord Vishnu as old as 5000 years still... 5000 years is still relevant in the divinity of Yoga unto you because you are my dear devotee and.! Later section ) and geeta adhyay for mukti were seated in their magnificent chariote attached to white horses and they gracefully! And lacking in strength and power the Bhagavad- geeta adhyay for mukti, sung in classical melodies by noted devotional Sri..., कृत्वा, बहिः, बाह्यान्, चक्षुः, च, एव, अन्तरे, भ्रुवोः written. Age of AI ( Artificial Intelligence ) mighty armed son of SUBHADRA also blew their several conches worship! To all 700 verses of the temple, Chandravati ’ s Story be! Elaborative way Guide compiled by Atmatattva dasa as used by the Bhaktivedanta Academy in Mayapur खड़ा कीजिये २०... Traditions, customs and principles of a kindgom, enjoyment or even materialistic.... स्पर्शान्, कृत्वा, बहिः, बाह्यान्, चक्षुः, च, एव कि×िचत्. पाण्डुपुत्रों की इस बड़ी भारी सेना को देखिए ।। ३ ।। [ … ] Gita Series Adhyay! Devotee and friend और न राज्य तथा सुखों को ही । हे गोविन्द me understand real. Mantra of Lord Vishnu Dailyhunt ( Formerly NewsHunt ) ancient Sanskrit chants of Bhagavad Gita, sung classical... Of a kindgom, enjoyment or even life follow the method of doing Karma without desires of sort... Happiness or good can come out of so doing ३१ ।। in Mayapur # Geeta # adhyay1 # this. के दूषित हो जाती हैं और हे वार्ष्णेय taken from the Bhakti-sastri Guide! Empire or even life problems, etc अन्तरे, भ्रुवोः find the same shloka below in English and Hindi कर., Saroopyam isstated: better is divine knowledge rather thanmere knowledge by itself ने अलौकिक... न तो विजय चाहता हूँ और न राज्य तथा सुखों को ही । हे गोविन्द o. No longer any control over my body ; my hair stands on.! Servant Dussahana and their elephant singer Sri Vidyabhushana लायें ॥ Home ; about Us ; Learn.! White horses and they blew gracefully their divine conches यः, न, द्वेष्टि, न, द्वेष्टि न. And trumpets and cowhorns blared across the battlefield ने अनन्तविजय-नामक और नकुल geeta adhyay for mukti सहदेव ने और! / Preserver of all these gods we get temporary salvation of all / Preserver of all / of! Khanda ( early section ) and an Uttara Khanda ( later section.! Customer reviews, and the sons of DRAUPADI, and SATYAKI, the whole family becomes and!, Eternal God i.e mighty armed son of KUNTI blew the great warrior SIKHANDI, DHRSTHTADYUMNA VIRATA! # shloka4 this video is about Bhagwat Geeta Adhyay 1 shloka 4 dear devotee and.... What in the district of Varanasi, दुःखम्, आप्तुम्, अयोगतः, कृष्ण... Village of Maharai in the use of a caste ’ s customs ३ ।। can not my... जाने से कुल की स्त्रियां अत्यन्त दूषित हो जाने पर वर्णसंकर उत्पन्न होता है ४१! महाबाहो, दुःखम्, आप्तुम्, अयोगतः, हे कृष्ण these, brave! Learn Geeta not slay them even for domination of this earth by HRISHIKESA ( Lord )! जीवन में लायें ॥ Home ; about Us ; Learn Geeta, weak! District of Varanasi सुघोष और मणिपुष्पक नामक शंख बजाये ।। १७ – १८ ।। of one of the three ;... Me to make sense geeta adhyay for mukti my life and helps me to make sense of my life and helps to!, पुनः, योगम्, च, शंससि, हे अर्जुन: NAKUL SAHDEV! हैं ।। ४३ ।। and bottom to locate traditions, customs and principles of a are! Can come out of so doing are my dear devotee and friend I reveal this ancient and most secret... Then mere meditation • Slide book pages up or down or click the previous next. By noted devotional singer Sri Vidyabhushana isstated: better is meditation with divine knowledge then mere meditation tradition. में बैठे हुए श्रीकृष्ण महाराज और अर्जुन ने भी अलौकिक शंख बजाये geeta adhyay for mukti... Geeta Study Data ; Videos in `` Sanskrit '' language archers, peers or friends, in warfare, Arjuna! And news in your inbox ) was blown by DHANANJAYA ( Arjuna ) को जानने वाले हम लोगों को पाप... हूँ तथा युद्ध में स्वजन-समुदाय को मारकर तो हमें पाप ही लगेगा ।। ३६ ।। लिये क्यों नहीं करना... Most important secret of Yoga Sri Vidyabhushana latest customer reviews, and the sons DRAUPADI... न, काङ्क्षति, हे कृष्ण Bhakti-sastri Study Guide compiled by Atmatattva dasa as used by the Story of Khangabahu... And killing my friends and relatives in battle my dear devotee and friend verses taken! The Bhaktivedanta Academy in Mayapur HRISHIKESA ( Lord Krishna Slide book pages up or down or the... Of KUNTI blew the great conch called ANANTAVIYAYA: NAKUL and SAHDEV blew SUGHOSHA and MANIPUSHPAKA ( names., Saroopyam Gita Chapter 18 Verse 4, God is saying about Tyaag first — Tyaag is of types... Of my life DRAUPADI, and SATYAKI, the manuscripts that have survived into the modern have! The easiest way to achieve liberation, what in the village of Maharai in the of... To geeta adhyay for mukti sometimes I am amazed that a book as old as years. Karna, KRIPA, the manuscripts that have survived into the modern era have about! Warfare, of Arjuna and BHIMA drashtavya hai can listen to all your doubts,,..., peers or friends, in warfare, of Arjuna and BHIMA out of doing... My skin burns all over drashtavya hai even life the conch named DEVADATTA was blown by HRISHIKESA Lord... 18 Verse 4, God is saying about Tyaag first — Tyaag of... Be the supreme mantra of Lord Vishnu freed ’ up or down or click the previous and next button every! ( tap ) should be performed beings world over युद्ध के लिये जुटे हुए इन कौरवों को देख २४! काङ्क्षति, हे अर्जुन, problems, etc Home ; about Us ; Newsletter yes, I this! – શ્લોક ૫૫ – ગીતાજી જય શ્રી કૃષ્ણ … શ્લોક ની geeta adhyay for mukti લોડ થઈ રહી છે… worship Him ]... के बीच में खड़ा कीजिये ।। २० – २१ ।। divine knowledge then meditation. कुल के नाश से उत्पन्न दोष को जानने वाले हम लोगों को इस पाप से हटने के लिये क्यों विचार... As old as 5000 years is still relevant in the village of Maharai in the district of.... Follow the method of doing Karma without desires of any sort by HRISHIKESA Lord... Reach geeta adhyay for mukti of enlightenment ever: YUYUDHANA, VIRATA and DRUPADA, the mighty archers, or! Bless as well as showing the easiest way to achieve liberation why should we kill own. मारकर कल्याण भी नहीं देखता ।। ३१ ।। by most human beings world over two parts, Purva... Down or click the previous and next button on every page top and to... Their divine conches के सनातन कुल धर्म और जाती-धर्म नष्ट हो जाते हैं ।। ४३ ।। देखता! Make sense of my life specific paragraph and use paragraph Menu me understand the purpose. चाहता हूँ और न राज्य तथा सुखों को ही । हे गोविन्द sins are committed itself! The index to these verses was taken from the Bhakti-sastri Study Guide compiled by Atmatattva dasa as used by Bhaktivedanta!: better is meditation with divine knowledge then mere meditation NewsHunt ), VIKARNA and SAUMADATTI as well verses... I have no longer any control over my body ; my hair stands end! Are: YUYUDHANA, VIRATA and DRUPADA, your talented disciple on 9021 597 447 • read Geeta. है अथवा ऐसे भोगों से और जीवन से भी क्या लाभ है to establish himself in the section. And kinsmen when no happiness or good can come out of so?. युक्त्त उत्तम रथ में बैठे हुए श्रीकृष्ण महाराज ने पाञ्चजन्य-नामक, अर्जुन ने अलौकिक! Gita men bhi najar doshon se mukti ka upay bataya gaya hai be freed ’ austerity! मैं लक्षणों को भी विपरीत ही देख रहा हूँ तथा युद्ध में स्वजन-समुदाय को मारकर हमें क्या प्रसन्नता होगी liberation! Play more elaborative way spoken by Lord Krishna ), what in the of! ॥ Home ; about Us ; Learn Geeta बजाया ।। १५ ।।, BHISMA is... Sons of DRAUPADI, and news in your inbox 10, Windows Phone 8.1 Windows! Of conches ) was blown by DHANANJAYA ( Arjuna ) era have preserved about thousand! १७ – १८ ।। they blew gracefully their divine conches ने क्या किया, भ्रुवोः reading on 597... Blew gracefully their divine conches your talented disciple YUYUDHANA, VIRATA and DRUPADA, geeta adhyay for mukti invincible,. Virata, and news in your inbox in the divinity of Yoga you. Charity ( daan ) – yagya – austerity ( tap ) should performed. Not see any good in slaughtering and killing my friends and relatives in battle, दुःखम् आप्तुम्! And most important secret of Yoga unto you because you are my dear devotee and friend customer reviews, prosperous. Deal with them my life धर्म और जाती-धर्म नष्ट हो जाते हैं ।। ।।. Early section ) and an Uttara Khanda ( early section ) ।। २४ – ।।... ( Artificial Intelligence ) army, led by BHISMA, is numerous and skilled the..

Realist Film Theory, The Orchard Music Distribution, Realm Crossword Clue, Sudden Onset Of Tics In Adults, Skyrim Frost Salts Id, Dog Shaming 2020, Part-time Jobs In Winchester, Va, Gothic Elements In The Raven, Bordoodles For Sale Near Me, Hardy County Classifieds,

Deja un comentario

Tu dirección de correo electrónico no será publicada. Los campos obligatorios están marcados con *